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गुमनाम हैं कोई - Gumnaam Hai Koi Lyrics from Gumnaam फिल्म / एल्बम : गुमनाम (1965) संगीत दिया है: जयकिशन दयाभाई पंचाल गीत के बोल: हसरत जयपुरी गायक: लता मंगेशकर गुमनाम हैं कोई बदनाम हैं कोई किसको खबर कौन हैं वह अनजान हैं कोई (2) गुमनाम हैं कोई.. किसको समजे हम अपना कल का नाम हैं एक सपना (2) आज अगर तुम जिन्दा हो तोह कल के लिए के लिए माला जपना गुमनाम हैं कोई बदनाम हैं कोई किसको खबर कौन हैं वह अनजान हैं कोई गुमनाम हैं कोई पल दो पल की मस्ती हैं बस दो दिन की बस्ती हैं (2) चैन यहाँ पर महंगा हैं और मौत यहाँ मौत यहाँ पर सस्ती हैं गुमनाम हैं कोई बदनाम हैं कोई किसको खबर कौन हैं वह अनजान हैं कोई गुमनाम हैं कोई कौन बला तूफ़ानी हैं मौत को खुद हैरानी हैं (2) आये सदा विरानो से जो पैदा हुवा पैदा हुवा वह पनि हैं गुमनाम हैं कोई बदनाम हैं कोई किसको खबर कौन हैं वह अनजान हैं कोई (2) गुमनाम हैं कोई...
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दिलबरो - Ungli Pakad Ke Tune Lyrics from Raazi फिल्म / एल्बम :  राज़ी (2018) संगीत दिया है:  शंकर-एहसान-लॉय गीत के बोल:  गुलज़ार गायक: हर्षदीप कौर, शंकर महादेवन ब छसे खान मज कूर द्यु म रुखसात म्यान बोय जानो  (2) ब छसे खान मज कूर उंगली पकड़ के तूने चलना सिखाया था ना दहलीज़ ऊँची है ये पार करा दे बाबा मैं तेरी मलिका टुकड़ा हूँ तेरे दिल का इक बार फिर से दहलीज़ पार करा दे मुड़ के ना देखो दिलबरो दिलबरो मुड़ के ना देखो दिलबरो मुड़ के ना देखो... फसलें जो काटी जायें, उगती नहीं हैं बेटियाँ जो ब्याही जाएँ, मुड़ती नहीं हैं ऐसी बिदाई हो तो, लंबी जुदाई हो तो दहलीज़ दर्द की भी पार करा दे बाबा मैं तेरी मलिका... मेरे दिलबरो बर्फें गलेंगी फिर से मेरे दिलबरो फसलें पकेंगी फिर से तेरे पाँव के तले मेरी दुआ चले दुआ मेरी चले उंगली पकड़ के तूने...
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ऐ वतन वतन मेरे - Ae Watan Watan Mere Abad Lyrics from Raazi फिल्म / एल्बम : राज़ी (2018) संगीत दिया है: शंकर-एहसान-लॉय गीत के बोल: गुलज़ार, अल्लमा इकबाल गायक: अरिजीत सिंह, सुनिधि चौहान ऐ वतन... मेरे वतन... ऐ वतन आबाद रहे तू आबाद रहे तू ... (2) ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू (3) मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू... (2) ऐ वतन... मेरे वतन... (2) तू ही मेरी मंजिल है पेहचान तुझी से.. (2) पोहुंचू मैं जहां भी मेरी बुनियाद रहे तू... (2) ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू ऐ वतन... मेरे वतन... (2) आ... आ... तुझपे कोई ग़म की आंच आने नहीं दूं (2) कुर्बान मेरी जान तुझपे शाद रहे तू (2) ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू ऐ वतन  (2) मेरे वतन (2) ऐ वतन  (2) मेरे वतन (2) आबाद रहे तू (2) ऐ वतन मेरे वतन आबाद रहे तू...
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रुक जाना नहीं - Ruk Jana Nahi Lyrics from Imtihan फिल्म / एल्बम : इम्तिहान (1974) संगीत दिया है: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल गीत के बोल: मजरूह सुल्तानपुरी गायक: किशोर कुमार रुक जाना नहीं तू कहीं हार के काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के ओ राही, ओ राही (2) नैन आंसू जो लिये हैं ये राहों के दिये हैं (2) लोगों को उनका सब कुछ देके तू तो चला था सपने ही लेके कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार के सूरज देख रुक गया हैं तेरे आगे झुक गया हैं (2) जब कभी ऐसे कोई मस्ताना निकले हैं अपनी धून में दीवाना शाम सुहानी बन जाते हैं दिन इंतजार के ओ राही ओ राही (2) रुक जाना नहीं तू कहीं हार के काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के ओ राही ओ राही (2) साथी ना कारवाँ हैं ये तेरा इम्तिहान हैं यूं ही चला चल दिल के सहारे करती हैं मंजिल तुझ को इशारे देख कही कोई रोक नहीं ले तूझ को पुकार के.. रुक जाना नहीं तू कहीं हार के काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के ओ राही ओ राही (2) नैन आंसू जो लिये हैं ये राहों के दिये हैं (2) लोगों को उनका सब कुछ देके तू तो चला था सपने ही लेके कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार...
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'अंदाज़'-ए-यूसुफ़! 'अंदाज़' (१९४९) में नर्गिस, राज कपूर और दिलीपकुमार..त्रिकोणीय प्रेम! 'अंदाज़' (१९४९) के फ़िल्मकार मेहबूब खान. मेहबूब खान साहब की क्लासिक फ़िल्म 'अंदाज़' (१९४९) एक मशहूर तथा अभिजात त्रिकोणीय प्रेमकथा थी! इसे अब ७० साल पुरे हो गएँ! ट्रैजेडी किंग दिलीपकुमार, आशिक़मिजाज राज कपूर और इन दोनों के दिलों में समायी थी..हसीन नर्गिस! यहाँ इश्क़ का इज़हार कर नहीं पा रहे दिलीपकुमार अपनी गंभीर मुद्रा में प्यार की उदात्त भावना संभाले हुए थे..तो दूसरी तरफ दिलफेंक राज कपूर प्यारका जाल सहजता से बिछाने में माहीर थे!  'अंदाज़' (१९४९) में नर्गिस और दिलीपकुमार एक भावुक क्षण में! मेरे इसमें से सबसे दो पसंदीदा सीन्स है.. एक में नर्गिस दिलीपकुमार को कहेती है.. "याद है मैंने कहाँ था की बिजली तो जिस पर गिरने वाली थी वो गिर चुकी है!" उसपर दिलीपकुमार साँस को अंदर लिए आँखों में मायूसी लेकर बोलता है.. "हाँ बिलकुल याद है..और तुमने ये भी कहाँ था की कोई ग़लतफ़हमी न कर बैठना!" 'अंदाज़' (१९४९) में  नर्गिस,  राज कपूर और लाजवाब ...

जगदीप

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सूरमा भोपाली’ सईद इश्तियाक अहमद जाफरी उर्फ जगदीप  को उनके नाम से कम बल्कि शोले के ‘सूरमा भोपाली’ के रूप में लोग ज्यादा जानते हैं ।  लोग जगदीप को  याद करते हैं तो शोले में निभाया गया यह किरदार कभी नहीं भूलते. सूरमा भोपाली का रोल इतना फेमस हुआ कि इसी नाम से जगदीप ने  फिल्म का निर्देशन भी कर दिया। जगदीप ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में बी आर चोपड़ा की फिल्म ‘अफसाना’ से की थी। इसके बाद चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में ही उन्होंने ‘लैला मजनूं’ में काम किया। जगदीप ने कॉमिक रोल बिमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ से करने शुरू किए थे। फिल्मों में जगदीप ने कई फनी डायलॉग्स भी बोले हैं। जगदीप का हाव भाव काफी अलग है. अपने हाव भाव से दर्शकों को हंसाने वाले जगदीप ने जब अपना यह अंदाज अपनाया था उस समय यह काफी ट्रिपिकल था। उन्होंने उस दौर में काम किया जब फिल्म उद्योग में महमूद, जॉनी वाकर, घूमल, केश्टो मुखर्जी  बड़े बड़े कॉमेडियन मौजूद थे।  300 से भी ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके जगदीप ‘शोले’, पुराना मंदिर , अंदाज अपना-अपना , फिर वही रात...

उत्पल दत्त

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“अच्छाआ…”  उत्पल दत्त का जन्म 29 मार्च, 1929 को पूर्वी बंगाल (ब्रिटिश भारत) के बारीसाल में  में हुआ था। इ नके ‌पिता का नाम गिरिजारंजन दत्त था। इन्होंने अपनी पढ़ाई कलकत्ता से की और 1945 में मेट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण की और फिर 1949 में ‘सेंट जेवियर कॉलेज’, कलकत्ता अब कोलकाता से अंग्रेज़ी साहित्य से ग्रेजुएशन की । उत्पल दत्त ने थिएटर और फ़िल्म एक्ट्रेस शोभा सेन से  1960 में शादी की। व उन्हें  बेटी हुई जिसका नाम डॉक्टर बिष्णुप्रिया है । अभिनेता के रूप में उत्पल दत्त ने लगभग हर किरदार को निभाया। हिन्दी पर्दे पर कभी पिता तो कभी चाचा, कहीं डॉक्टर तो कहीं सेठ, कभी बुरे तो बहुधा अच्छे बने ‘उत्पल दा’ को दर्शक किसी भी रूप में नहीं भूल सकेंगे। अमिताभ बच्चन की प्रथम फ़िल्म ‘सात हिन्दुस्तानी’ में वे भी एक ‘हिन्दुस्तानी’ थे। बल्कि एक तरह से देखा जाय तो उत्पल जी ही मुख्य भूमिका में थे और अमिताभ बच्चन समेत अन्य सभी कलाकार सहायक थे! उसी तरह से ’70 के दशक में भारतीय समांतर सिनेमा की नींव जिन फ़िल्मों से रखी गई थी, उन प्रमुख कृतियों में ‘भुवन शोम’ भी थी और उसके नायक भी उत्पल द...