इस गीत को  मुकेश ने गाया है फिल्म चाँद और सूरज के लिए. ये
सन 1965 के फ़िल्मी चाँद और सूरज हैं.

गीत  धर्मेन्द्र और तनूजा पर फिल्माया गया है. शैलेन्द्र के बोल हैं और इस गीत का संगीत सलिल चौधरी की देन है.




गीत के बोल:

किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या
मेरा मन मोह लिया मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या
मेरा मन मोह लिया मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या


कर के घायल वो मुझे बेख़बर हैं
मेरी आहें भी वहाँ बेअसर हैं
कर के घायल वो मुझे बेख़बर हैं
मेरी आहें भी वहाँ बेअसर हैं
ख़ूब है ये अदा मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या
मेरा मन मोह लिया मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या

रात मुश्किल से कटे दिन है भारी
रात मुश्किल से कटे दिन है भारी
सदा आँखों में रहे छब वो प्यारी
रात मुश्किल से कटे दिन है भारी
जीना अब उनके बिना हुआ मुश्किल
जान है उनमें बसी उन्हीं का दिल
मुझे क्या हो चला मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या
मेरा मन मोह लिया मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या

प्यार छुपता नहीं मैं क्या छुपाऊँ
कहे तो चीर के दिल मैं दिखाऊँ
प्यार छुपता नहीं मैं क्या छुपाऊँ
कहे तो चीर के दिल मैं दिखाऊँ
हुस्न दे के भला मैं करूँ क्या
किसी ने जादू किया मैं करूँ क्या

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