विश्व रेडियो दिवस
6 साल पहले दुनिया को मिला था 'विश्व रेडियो दिवस' का तोहफा, आज पूरी दुनिया दे रही बधाई
विश्व रेडियो दिवस
आज 13 फरवरी है, इतिहास में यह दिन 'वर्ल्ड रेडियो डे' के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग बढ़-चढ़कर बधाइयां दे रहे हैं। 29 सितंबर 2011 को यह फैसला हुआ था कि दुनिया 'वर्ल्ड रेडियो डे' मनाएगी। जमाना भले ही स्मार्टफोन्स का हो लेकिन रेडियो के लिए लोगों की दीवानगी आज भी कम नहीं हुई है।
कैब ड्राइवर, स्टूडेंट्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स समेत करोड़ों लोग आज भी रेडियो सुनते हैं। हालांकि कुछ साल पहले यह अफवाह उड़ी थी कि स्मार्टफोन आने के बाद रेडियो पूरी तरह खत्म हो जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि स्मार्टफोन्स के आने की वजह से और भी ज्यादा लोग रेडियो से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो को एक नई दिशा दी है। वह रेडियो पर 'मन की बात' कहते हैं जिसे सुनने के लिए करोड़ों लोग रेडियो का प्रयोग करते हैं। इस तरह पीएम ने रेडियो को दोबारा लोगों के घर में पहुंचाया है।
कैब ड्राइवर, स्टूडेंट्स, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स समेत करोड़ों लोग आज भी रेडियो सुनते हैं। हालांकि कुछ साल पहले यह अफवाह उड़ी थी कि स्मार्टफोन आने के बाद रेडियो पूरी तरह खत्म हो जायेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं बल्कि स्मार्टफोन्स के आने की वजह से और भी ज्यादा लोग रेडियो से जुड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रेडियो को एक नई दिशा दी है। वह रेडियो पर 'मन की बात' कहते हैं जिसे सुनने के लिए करोड़ों लोग रेडियो का प्रयोग करते हैं। इस तरह पीएम ने रेडियो को दोबारा लोगों के घर में पहुंचाया है।
कब हुई विश्व में रेडियो की शुरुआत
World Radio Day
वो 24 दिसम्बर 1906 की शाम थी जब कनाडाई वैज्ञानिक रेगिनाल्ड फेसेंडेन ने अपना वॉयलिन बजाया, जिसके बाद अटलांटिक महासागर में तैर रहे तमाम जहाजों के रेडियो ऑपरेटरों ने उस संगीत को अपने रेडियो सेट पर सुना, यह दुनिया में रेडियो प्रसारण की शुरुआत थी।
वैसे तो रेडियो की शुरुआत जगदीश चन्द्र बसु ने भारत में तथा गुल्येल्मो मार्कोनी ने सन 1900 में ही कर दी थी लेकिन एक से अधिक व्यक्तियों को एक साथ संदेश भेजने या ब्रॉडकास्टिंग की शुरुआत 1906 में फेसेंडेन के साथ हुई। उस समय रेडियो का प्रयोग केवल नौसेना तक ही सीमित था।
1918 में ली द फोरेस्ट ने न्यूयॉर्क के हाईब्रिज इलाके में दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन शुरु किया था जोकि बाद में किसी वजह से बंद हो गया। एक साल बाद 1919 में फोरेस्ट ने एक और रेडिया स्टेशन शुरू किया। हालांकि पहली बार रेडियो को कानूनी रूप से मान्यता 1920 में मिली, जब नौसेना के रेडियो विभाग में काम कर चुके फ्रैंक कॉनार्ड को रेडियो स्टेशन शुरु करने की अनुमति मिली।
पहली बार रेडियो में विज्ञापन की शुरुआत 1923 में हुई। इसके बाद ब्रिटेन में बीबीसी और अमेरिका में सीबीएस और एनबीसी जैसे सरकारी रेडियो स्टेशनों की शुरुआत हुई। नवंबर 1941 में सुभाष चंद्र बोस ने रेडियो पर जर्मनी से भारतवासियों को संबोधित किया था।
वैसे तो रेडियो की शुरुआत जगदीश चन्द्र बसु ने भारत में तथा गुल्येल्मो मार्कोनी ने सन 1900 में ही कर दी थी लेकिन एक से अधिक व्यक्तियों को एक साथ संदेश भेजने या ब्रॉडकास्टिंग की शुरुआत 1906 में फेसेंडेन के साथ हुई। उस समय रेडियो का प्रयोग केवल नौसेना तक ही सीमित था।
1918 में ली द फोरेस्ट ने न्यूयॉर्क के हाईब्रिज इलाके में दुनिया का पहला रेडियो स्टेशन शुरु किया था जोकि बाद में किसी वजह से बंद हो गया। एक साल बाद 1919 में फोरेस्ट ने एक और रेडिया स्टेशन शुरू किया। हालांकि पहली बार रेडियो को कानूनी रूप से मान्यता 1920 में मिली, जब नौसेना के रेडियो विभाग में काम कर चुके फ्रैंक कॉनार्ड को रेडियो स्टेशन शुरु करने की अनुमति मिली।
पहली बार रेडियो में विज्ञापन की शुरुआत 1923 में हुई। इसके बाद ब्रिटेन में बीबीसी और अमेरिका में सीबीएस और एनबीसी जैसे सरकारी रेडियो स्टेशनों की शुरुआत हुई। नवंबर 1941 में सुभाष चंद्र बोस ने रेडियो पर जर्मनी से भारतवासियों को संबोधित किया था।
भारत में रेडियो की शुरुआत
World Radio Day
भारत में रेडियो ब्रॉडकास्ट की शुरुआत 1923 में हुई थी। 1930 में 'इंडियन ब्रॉडकास्ट कंपनी' (IBC) दिवालिया हो गई थी और उसे बेचना पड़ा। इसके बाद 'इंडियन स्टेट ब्रॉडकास्टिंग सर्विस' को बनाया गया था। 1936 में भारत में सरकारी ‘इम्पेरियल रेडियो ऑफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आजादी के बाद ऑल इंडिया रेडियो या आकाशवाणी बन गया।
आपको बता दें कि देश में आकाशवाणी के 420 स्टेशन हैं, जिनकी 92% क्षेत्र में 99.19% आबादी तक पहुंच है। आकाशवाणी से 23 भाषाओं और 14 बोलियों में पूरे देश में प्रसारण होता है। आपको बता दें कि देश में 214 सामुदायिक रेडियो प्रसारण केंद्र (कम्युनिटी रेडियो) हैं।
आपको बता दें कि देश में आकाशवाणी के 420 स्टेशन हैं, जिनकी 92% क्षेत्र में 99.19% आबादी तक पहुंच है। आकाशवाणी से 23 भाषाओं और 14 बोलियों में पूरे देश में प्रसारण होता है। आपको बता दें कि देश में 214 सामुदायिक रेडियो प्रसारण केंद्र (कम्युनिटी रेडियो) हैं।



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